Latest News


More

Posted on : शुक्रवार, 26 अगस्त 2016 [0] comments Label: , ,

mp samvida karmacharai

by : Tapsi Sharma

मप्र के संविदा कर्मचारियों को भी नियमित किया जाएगा: जीएडी मिनिस्टर 

भोपाल। मप्र के ढाई लाख संविदा कर्मचारियों के नियमित होने की आस जगी है। जीएडी मिनिस्टर लाल सिंह आर्य ने ज्ञापन सौंपने आए मप्र सकाम के प्रतिनिधि मंडल को आश्वासन दिया है कि दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों को नियमित कर दिए जाने के बाद संविदा कर्मचारियों के नियमितीकरण की प्रक्रिया भी शुरू कर दी जाएगी। बता दें कि इन दिनों मप्र सकाम नियमितीकरण के लिए आंदोलन कर रहा है।

मप्र के संविदा कर्मचारियों को भी नियमित किया जाएगा  जीएडी मिनिस्टर

आंदोलन के दूसरे चरण में संविदा कर्मचारियों का एक प्रतिनिधि मण्डल महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष रमेश राठौर के नेतृत्व में मप्र शासन के सामान्य प्रशासन विभाग (जीएडी) के मंत्री लाल सिंह आर्य से मिला तथा मंत्री लाल सिंह आर्य को अवगत कराया कि सरकार के द्वारा दैनिक वेतन भोगियों को नियमित करने की जो घोषणा की गई है उसका हम स्वागत करते हैं लेकिन प्रदेश के ढाई लाख संविदा कर्मचारियों इस बात को लेकर आक्रोश है कि बैकडोर से बिना आरक्षण रोस्टर का पालन करते हुये जिन कर्मचारियों की नियुक्ति की गई है सरकार उनको लगातार नियमित करती जा रही है। जैसे पंचायत कर्मी, गुरूजी, शिक्षाकर्मी, मंत्री पदस्थापना में लगे हुये कर्मचारी लेकिन विधिवत् चयन प्रक्रिया के माध्यम् से आरक्षण रोस्टर का पालन करते हुये विभागों, एम.पी. आनलाईन. व्यापम के माध्यम से ली गई परीक्षा में मैरिट के आधार पर चयनित होकर आए हुये योग्यताधारी संविदा कर्मचारियों को सरकार नियमित नहीं कर रही है। जबकि संविदा नियमित होने का हक संविदा कर्मचारियों का सबसे पहले है।
प्रतिनिधि मण्डल की बात सुनकर प्रदेश के सामान्य प्रशासन विभाग (जीएडी) मंत्री लाल सिंह आर्य ने प्रतिनिधि मण्डल को आश्वस्त किया कि अभी हम दैनिक वेतन भोगियों का नियमितीकरण करने जा रहे हैं। उसके बाद हम संविदा कर्मचारियों को नियमित करने की कार्यवाही प्रारंभ करेंगें। हम इस बात से सहमत हैं कि संविदा कर्मचारियों का नियमितीकरण होना चाहिए। प्रतिनिधि मण्डल में मप्र संविदा कर्मचारी अधिकारी महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष रमेश राठौर, जिला संयोजक राजीव पाण्डे, अवध कुमार गर्ग, अमित कुल्हार, अनिल सिंह, विजय जैन, अनूप शांडिल्य आदि संविदा कर्मचारी गण थे।

Title: मप्र के संविदा कर्मचारियों को भी नियमित किया जाएगा  जीएडी मिनिस्टर

Description: मप्र के ढाई लाख संविदा कर्मचारियों के नियमित होने की आस जगी है। जीएडी मिनिस्टर लाल सिंह आर्य ने ज्ञापन सौंपने आए मप्र सकाम के प्रतिनिधि मंडल को आश्वासन दिया है कि दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों को नियमित कर दिए जाने के बाद संविदा कर्मचारियों के नियमितीकरण की प्रक्रिया भी शुरू कर दी जाएगी। बता दें कि इन दिनों मप्र सकाम नियमितीकरण के लिए आंदोलन कर रहा है। 

Keywords:

Posted on : मंगलवार, 23 अगस्त 2016 [0] comments Label: , , ,

India On 10 Wealthiest Country List Takes 7Th Spot

by : Tapsi Sharma

भारत ने दुनिया के 10 सबसे धनी देशों में स्थान बनाया

नयी दिल्ली: भारत ने दुनिया के 10 टॉप धनी देशों में स्थान बनाया है जहां कुल वैयक्तिक संपदा 5,600 अरब डॉलर की है जबकि सूची में टॉप स्थान पर अमेरिका है।

न्यू वर्ल्ड वेल्थ की एक रिपोर्ट के अनुसार भारत का स्थान 7वां है और वह कनाडा (4,700 अरब डॉलर), ऑस्ट्रेलिया (4,500 अरब डॉलर) और इटली (4,400 अरब डॉलर) से पहले आता है। इन 3 देशों का स्थान सूची में क्रमश: 8वां, 9वां और 10वां है।

India On 10 Wealthiest Country List Takes 7Th Spot


कुल वैयक्तिक संपत्ति रखने के संदर्भ में दुनिया में टॉप स्थान पर अमेरिका है। अमेरिका में यह संपत्ति 48,900 अरब डॉलर की है। जबकि दूसरे स्थान पर चीन और तीसरे स्थान पर जापान आता है जहां क्रमश: वैयक्तिक संपत्ति क्रमश: 17,400 अरब डॉलर और 15,100 अरब डॉलर की है।

अन्य 10 टॉप देशों की सूची में ब्रिटेन चौथे स्थान पर है जिसकी वैयक्तिक संपदा 9,200 अरब डॉलर की है जिसके बाद 5वें स्थान पर जर्मनी आता है जिसकी वैयक्तिक संपदा 9,100 अरब डॉलर है और छठे स्थान पर फ्रांस आता है जिसकी वैयक्तिक संपदा 6,600 अरब डॉलर की है।

दुनिया के 10 धनी देशों में भारत का स्थान व्यापक तौर पर उसकी आबादी के कारण है। ऑस्ट्रेलिया का सूची में स्थान इस दृष्टि से महत्वपूर्ण हो जाता है कि उसकी आबादी सिर्फ 2.2 करोड़ है।


Title: India On 10 Wealthiest Country List Takes 7Th Spot | भारत ने दुनिया के 10 सबसे धनी देशों में स्थान बनाया | e- News in Hindi

Description: भारत ने दुनिया के 10 टॉप धनी देशों में स्थान बनाया है जहां कुल वैयक्तिक संपदा 5,600 अरब डॉलर की है जबकि सूची में टॉप स्थान पर अमेरिका है।

Keywords: सबसे धनी देश, दुनिया से सबसे धनी देश, भारत, अमेरिका, 10 wealthiest country, India on 7th
 
by : Tapsi Sharma

बच्ची को बचाने में सबके सामने ही दबकर फुटबॉलर की मौत, पढ़ें आंखों देखी 

सतना/भोपाल. लोगों की आंखों के सामने ही एक फुटबॉलर की मौत हो गई। मध्य प्रदेश के सतना जिले के मैहर में जिसने भी यह हादसा देखा उसके रोंगटे खड़े हो गए। हालांकि, लोग नम आंखों से फुटबॉलर की बहादुरी को याद कर रहे हैं, जिसने अपनी जान देकर एक बच्ची को मौत के मुंह से बाहर निकाल दिया। उस जांबाज फुटबॉलर का नाम बबलू मार्टिन है। दौड़ लगाकर बचाई बच्ची की जान, गर्दन तक मलबे में धंसे फुटबॉलर की आंखें खुली थी, लेकिन नहीं निकले एक भी शब्द...
 
Babloo Martin - A Football Player died while save a child and a Women
 
 
- जिस वक्त मैहर की हाउसिंग बोर्ड की तीन मंजिला इमारत ढही, उसकी चपेट में एक चौकीदार की 12 साल की बेटी प्रभा आने वाली थी।
- हालांकि, ठीक वक्त पर बबलू की निगाह उस बच्ची पर चली गई। इससे पहले की इमारत का मलबा बच्ची के ऊपर गिरता, बबलू ने उसे बचाने के लिए दौड़ लगा दी।
- बबलू ढह रही इमारत के पास पहुंचे और धक्का देकर बच्ची को इमारत से दूर धकेल दिया। लेकिन वे खुद मलबे की चपेट में आ गए।
 
गर्दन तक पानी और मलबे में धंसा फुटबॉलर
 
- इमारत ढहने के बाद फुटबॉलर गर्दन तक पानी, कीचड़ और मलबे में धंसे हुए थे।
- वहां मौजूद लोगों ने सब्बलों से उनके आसपास का मलबा हटाया। इस दौरान वे कुछ बोल नहीं पा रहे थे, लेकिन उनकी आंखें लगातार लोगों को निहार रही थीं। 
- वहां मौजूद लोग भी बबलू का नाम बुलाकर लगातार उन्हें हौसला दे रहे थे। काफी मशक्कत के बाद किसी तरह उन्हें निकालकर मैहर के एक अस्पताल ले जाया गया। 
- वहां से उन्हें सतना के लिए रेफर कर दिया गया, लेकिन अस्पताल ले जाते हुए रास्ते में ही इस बहादुर खिलाड़ी की जान चली गई। 
- बता दें कि बबलू क्रिकेट और फुटबॉल के राज्य स्तरीय खिलाड़ी थे। वे बच्चों को ट्रेनिंग दिया करते थे।
 
बोलेरो पानी में बह गई
 
- मध्य प्रदेश के रायसेन-विदिशा मार्ग पर कौड़ी नदी पुल पर बोलेरो पानी में बह गई। इसमें दो लोग पानी में बह गए। एक ने तैरकर अपनी जान बचाई।
- विदिशा में एक महिला और एक युवक नाले में बह गए। देवरी में 1 व्यक्ति की पानी में बह जाने से मौत हो गई। सागर में पेड़ गिरने से एक व्यक्ति की जान चली गई।
- आगर मालवा जिले के सात लोग राजस्थान सीमा पर झालावाड़ जिले के एक नाले में कार सहित बह गए। इसमें एक महिला की मौत हो गई, जबकि दो लापता हैं। चार लोगों को बचा लिया गया।
- बकस्वाहा जैन तीर्थ नैनागिर जाते समय शुक्रवार को दलपतपुर और नैनागिर के बीच छीपा नाले में कार सहित बहे तीन युवकों के शव भी शनिवार को बरामद हो गए।
- भोपाल में पिछले 36 घंटे से भी अधिक समय से लगातार बारिश जारी रहने से जनजीवन अस्त-व्यस्त है।
 

देश में अब तक 480 की जान गई
 
- राजस्थान के बारां-झालावाड़ में 6 की मौत।
- कोटा-बीना रेल मार्ग प्रभावित।
- केंद्रीय आपदा प्रबंधन विभाग के आंकड़ों के मुताबिक उत्तर प्रदेश, बिहार और असम समेत कई राज्यों में कम से कम 480 लोगों की जान जा चुकी है।
Posted on : शनिवार, 4 जून 2016 [0] comments Label: , ,

Mathura Clashes Inside Story How Protesters Went Violent

by : Tapsi Sharma

मारा गया मथुरा में हुई हिंसा का मास्टरमाइंड, पुलिस जल्द कर सकती है एलान


आगरा/मथुरा. मथुरा के जवाहर बाग में हुई हिंसा के मास्टरमाइंड रामवृक्ष यादव के मारे जाने की खबरें आ रही हैं। पुलिस इस बारे में जल्द एलान कर सकती है। इस बीच जवाहर बाग से कब्जा हटाने आई पुलिस पर हमले के मामले में नए खुलासे हो रहे हैं। 270 एकड़ के इस इलाके पर खुद को सत्याग्रही बताने वाले स्वाधीन भारत सुभाष सेना (SBSS) के एक्टिविस्ट्स ने कब्जा कर रखा था। यादव ने अपने सपोर्टर्स से कहा था कि वह नेताजी सुभाष चंद्र बोस से अगले 2 महीने में मुलाकात करेगा और उनके मिलते ही भारत का इतिहास बदल जाएगा। तब तक वे जवाहर बाग पर ही रुके रहें। दो महीने से खिचड़ी-दलिया खा रहे थे SBSS के मेंबर...

रामवृक्ष यादव (बीच में सफेद कुर्ते में) ही मथुरा में हुई हिंसा की अगुआई कर रहा था।

रामवृक्ष यादव (बीच में सफेद कुर्ते में) ही मथुरा में हुई हिंसा की अगुआई कर रहा था।

 
-
बता दें कि मथुरा में पुलिस पर उपद्रवियों के हमले में एसपी और एसएचओ समेत 20 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई।
-
खुद को 'सत्याग्रही' कहने वाले SBSS के ये मेंबर घायल हैं। इनका एसएन मेडिकल कॉलेज में इलाज चल रहा है।
एसपी मुकुल द्विवेदी की मौत पर परिजन ने सीएम अखिलेश यादव पर आरोप लगाए हैं।एसपी मुकुल द्विवेदी की मौत पर परिजन ने सीएम अखिलेश यादव पर आरोप लगाए हैं।

एसपी मुकुल द्विवेदी की मौत पर परिजन ने सीएम अखिलेश यादव पर आरोप लगाए हैं।


-
रामवृक्ष यादव के इन सपोर्टर्स के पास खाने के लिए न तो अनाज था, न सब्जियां और न ही दूध।
-
ये लोग पिछले दो महीने से खिचड़ी-दलिया खाकर किसी तरह दिन गुजार रहे थे।
-
इन लोगों से कहा गया कि जल्द ही नेताजी खुद आंदोलन की बागडोर संभालेंगे। इसके बाद जल्द ही भारत से जंगलराज खत्म हो जाएगा।
-
ज्यादातर मेंबर्स को तो आंदोलन की आइडियोलॉजी के बारे में ही नहीं पता।
- 87
साल के गोरखपुर के रहने वाले दयाशंकर के मुताबिक, "हम जय गुरुदेव को पिछले 30 साल से गेहूं और चावल देते चले आ रहे थे। बाद में रामवृक्ष यादव ने नया गुट बना लिया।"
- "
यादव ने सुप्रीम कोर्ट में दावा किया था कि वह नेताजी को लोगों के सामने लाएगा। अगर वह ऐसा नहीं कर पाया तो उसे फांसी चढ़ा दें।"

दयाशंकर ने और क्या बताया?

- "
जय गुरुदेव के निधन के एक साल के बाद फॉलोअर्स ने उन्हें सुभाष चंद्र बोस बताना शुरू कर दिया। ये भी कहा कि वो जिंदा हैं।"
- "
रामवृक्ष यादव ने हमें यहीं बाड़े में तब तक रहने के लिए कहा, जब तक नेताजी लौटकर नहीं आ जाते।"
-
पुलिस के मुताबिक, "3 हजार से ज्यादा फॉलोअर्स ने जनवरी 2014 में सागर से संदेश यात्रा शुरू की। ये फॉलोअर्स लड़ाके ज्यादा लगते थे। इनका मकसद था- आजाद हिंद सरकार की स्थापना।"
- "
ये लोग ये भी चाहते थे कि देश में राष्ट्रपति और पीएम के चुनाव न हों। भारतीय करंसी को खत्म कर दिया जाए।"

देश के कई हिस्सों में गए आंदोलनकारी

-
पुलिस की मानें तो ये आंदोलनकारी गुजरात, वेस्ट बंगाल, महारष्ट्र और ओडिशा में भी गए।
-
आखिर में इन लोगों ने मथुरा के जवाहर बाग को अपना ठिकाना बना लिया।
-
पुलिस का ये भी कहना है कि ज्यादातर फॉलोअर्स यूपी, बिहार और मध्य प्रदेश के रहने वाले हैं।
-
आंदोलनकारियों के मुताबिक, "रामवृक्ष यादव कभी-कभी ही उनसे मिलता था। लोगों को बाहरी दुनिया में घुलने-मिलने की इजाजत नहीं थी। लोगों को सुबह 3 बजे उठना पड़ता था। नहाना-पूजा-नाश्ते के बाद वे दिनभर आराम कर सकते थे। डिनर शाम 5 बजे ही हो जाता था।"

पेड़ों पर बैठे उपद्रवी पुलिस के सिर पर मार रहे थे गोली

-
मथुरा के जवाहर बाग में अब जली गाड़ियां और पत्थर बिखरे हैं। वहां बड़ी तादाद में पुलिस के जवान तैनात हैं।
-
रामवृक्ष की अगुआई में ये सत्याग्रही जवाहर बाग की जमीन पर कब्जा किए बैठे थे। कोर्ट के आदेश पर पुलिस जमीन खाली कराने गई थी। जवाब में सत्याग्रहियों ने बंदूकों और पत्थरों से हमला बोल दिया।
जवाहर बाग में सिक्युरिटी के लिहाज से चौकसी करती पुलिस।

जवाहर बाग में सिक्युरिटी के लिहाज से चौकसी करती पुलिस।


-
कार्रवाई में शामिल पुलिसकर्मी ने बताया कि कल तो ऐसा लग रहा था मानो जंग छिड़ी हो। एसपी साहब बाग से लगी कॉलोनी के लोगों से बात कर रहे थे कि कुछ लोग उन्हें बाग के भीतर खींच ले गए।
-
कुछ समझते, इससे पहले पेड़ पर चढ़े लोग फायरिंग करने लगे। बम फेंकने लगे। एसएचओ पर भी 20-25 लोगों ने लाठी-डंडों से हमला कर दिया।
-
आला अफसरों को फौरन सूचना दी गई। पर न फोर्स आई और न जवाबी कार्रवाई का ऑर्डर। कहा गया- इंतजार करो।
-
जब तक ऑर्डर आता, एसपी साहब और एसएचओ मर चुके थे। उपद्रवी कई और जवानों को मार गिराते यदि वहां आठ फीट की दीवार न होती।
-
शाम 6 बजे फोर्स पहुंची। इसके बाद जवाबी कार्रवाई हुई। इसमें 22 उपद्रवी मारे गए।

यादव ने जवाहर बाग को छावनी बना लिया था

-
जवाहर बाग को रामवृक्ष यादव ने छावनी में तब्दील कर लिया था।

-
उसकी मर्जी के बिना कोई बाग में आ-जा नहीं सकता था। पुलिस भी नहीं।

-
उसकी दहशत ऐसी थी कि बाग में मौजूद कई अफसर अपने दफ्तर और सरकारी घर छोड़कर चले गए थे।

उपद्रवियों ने गड्ढे में हथियार जमा कर रखे थे।

उपद्रवियों ने गड्ढे में हथियार जमा कर रखे थे।

  - जबकि यह जगह एक ओर पुलिस लाइन और एसपी ऑफिस और दूसरी ओर जज कॉलोनी से घिरी है।

-
बाग का एन्ट्रेंस एसपी ऑफिस से जुड़ा है।

-
स्थानीय निवासी हेम यादव ने बताया कि बाग के गेट पर तलवारधारी पहरा देते रहते थे। कॉलोनी के एक निवासी ने बताया कि अगर हम लोग छत पर जाते थे तो रामवृक्ष के लोग लाठी-डंडे, तलवार और पिस्टल दिखाते थे।

-
एक अन्य निवासी ने बताया कि 50 महिलाएं सुबह-शाम खाना बनाती थीं। आठ बजे दिन की शुरुआत होती थी। इसमें वो 'संकल्प है शहीदों का, देश भक्तों की मंजिल, स्वाधीन भारत का झंडा लहराने लगा' जैसे गाने गाते थे। रामवृक्ष की कॉलोनी में हर सब्जी 5 रुपए किलो बिकती थी।

-
इसके लिए रामवृक्ष सब्सिडी देता था। बाग में मर्सडीज जैसी महंगी गाड़ियां थीं। कैम्पस में कई जगह गड्‌ढे करके हथियार छुपाए गए थे।

एक समानांतर सरकार चला रहा था रामवृक्ष

- पुलिस को मिले डॉक्यूमेंट्स बताते हैं कि रामवृक्ष का अपना एक ज्यूडिशियल सिस्टम था। उसका अपना एक कॉन्स्टिट्यूशन, पीनल कोड, जेल और कई हथियारबंद 'सैनिक' थे।

-
अफसरों की मानें तो रामवृक्ष, 260 एकड़ के इस इलाके में अपनी समानांतर सरकार चला रहा था।

-
रामवृक्ष का ये भी प्लान था कि कैम्प में रह रहे लोगों को मार दिया जाए और उसका आरोप पुलिस पर मढ़ दिया जाए।

-
जितने लोग जवाहर बाग में रामवृक्ष के कैम्प में रह रहे थे, उन सबका रिकॉर्ड मेनटेन किया जा रहा था। इसमें उनका मोबाइल फोन नंबर, फोटो और दूसरी डिटेल थीं।

-
मथुरा जोन के आईजी सी. मिश्रा के मुताबिक, 'लोगों को बाहर आने-जाने की इजाजत नहीं थी। बाहर जाने और अंदर आने के लिए पास लगता था।'

-
मिश्रा कहते हैं, 'यह कोई सामान्य धार्मिक उन्माद का मामला नहीं है। हम नक्सली एंगल से भी जांच कर रहे हैं।'